उत्तराखंड महिला आयोग सख्त! 15 वर्षीय नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म पर अपराधियों व लापरवाह पुलिस पर ‘जीरो टॉलरेंस’

देहरादून: उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने हरिद्वार के खानपुर थाना क्षेत्र में 15 वर्षीय हिंदू नाबालिग लड़की के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म की जघन्य घटना पर स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग अध्यक्ष ने इस अमानवीय कृत्य पर गहरा दुःख और कड़ी आपत्ति व्यक्त करते हुए अपराधियों व लापरवाह पुलिसकर्मियों के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

कुसुम कंडवाल ने कहा कि धार्मिक पहचान के आधार पर नाबालिग बेटियों को निशाना बनाने वाले अपराधियों के खिलाफ राज्य सरकार और आयोग अत्यंत कठोर रुख अपनाए हुए है। उन्होंने इस घटना को ‘लव जिहाद’ जैसी घृणित मानसिकता का परिणाम बताते हुए देवभूमि की अस्मिता पर प्रहार करार दिया।

जानकारी के अनुसार, 26 अप्रैल को पशुओं के लिए चारा लेने गई 15 वर्षीय पीड़िता का तीन युवकों ने अपहरण कर लिया था। अगले दिन 27 अप्रैल को वह अचेत अवस्था में मिली। परिजनों ने तुरंत थाने में लिखित तहरीर दी थी। आयोग अध्यक्ष ने हरिद्वार देहात के एसपी शेखर सुयाल से फोन पर बात कर मामले की विस्तृत जानकारी ली और त्वरित व प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।

कुसुम कंडवाल ने स्थानीय पुलिस पर लापरवाही और पीड़िता के परिवार पर बयान बदलने का दबाव डालने का आरोप लगाते हुए कहा कि अपराधियों को बचाने या मामले को दबाने का प्रयास करने वाले पुलिस अधिकारी भी अपराध के समान भागीदार होंगे। उन्होंने खानपुर थाना प्रभारी के निलंबन को सही कदम बताते हुए अन्य लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच और दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

अध्यक्ष ने पुलिस को फरार आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी कर POCSO अधिनियम समेत अन्य सख्त धाराओं में मामला दर्ज करने के स्पष्ट निर्देश दिए। आयोग के प्रतिनिधि जल्द ही पीड़िता और उसके परिवार से मुलाकात कर उन्हें कानूनी व मानसिक सहायता प्रदान करेंगे।

कुसुम कंडवाल ने कहा, “राज्य महिला आयोग इस मामले की लगातार निगरानी कर रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की संवेदनशीलता के अनुरूप बेटियों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।”

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