दिल्ली में ‘लूम्स ऑफ नीति माना’ के उत्पादों की धूम, हैंडलूम एक्सपो में छाए उत्तराखंडी वस्त्र

नई दिल्ली: भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय द्वारा दिल्ली के जनपथ में आयोजित हैंडलूम एक्सपो 2026 में उत्तराखंड के सीमांत नीति माना घाटी के पारंपरिक हस्तशिल्प की भारी मांग देखने को मिल रही है। 23 अगस्त 2026 तक चलने वाले इस राष्ट्रीय एक्सपो में देशभर के विभिन्न राज्यों के हैंडलूम उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई है, जिसमें नाबार्ड उत्तराखंड के सहयोग, लूम्स ऑफ लद्दाख व लूम्स ऑफ नीति माना की संस्थापक श्रीमती अभिलाषा बहुगुणा तथा मानव सेवा समिति (MSS) के मार्गदर्शन में संचालित ‘लूम्स ऑफ नीतिमाना सेल्फ कोऑपरेटिव सोसाइटी’ का स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।प्रदर्शनी में नीति माना घाटी की महिला कारीगरों द्वारा स्थानीय ऊनी धागों और ऑर्गेनिक हैम्प (भांग) के रेशों से तैयार किए गए हथकरघा उत्पाद प्रस्तुत किए गए हैं। नीति माना कोऑपरेटिव की यंग प्रोफेशनल कुमारी कृष्णा ने बताया कि हस्तनिर्मित शॉल, पंखी, स्वेटर, मफलर, टोपी और मोज़े जैसे उत्पादों को एक्सपो में प्रीमियम स्टॉल की श्रेणी में रखा गया है। आम जनता और हस्तशिल्प प्रेमियों द्वारा इन प्रामाणिक पहाड़ी उत्पादों को खूब पसंद किया जा रहा है और इनकी जमकर खरीदारी हो रही है।

एक्सपो का औपचारिक उद्घाटन केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह द्वारा किया गया। उद्घाटन के दौरान उन्होंने ‘लूम्स ऑफ नीति माना’ के स्टॉल का विशेष रूप से अवलोकन किया और सीमांत क्षेत्र की महिलाओं के इस हुनर व उत्पादों की जमकर सराहना की। इस अवसर पर लूम्स ऑफ नीति माना के अध्यक्ष कुंदन सिंह टकोला, एमएसएस के महेश खंकरियाल, उत्तम राणा और अमीना सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे।

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