- बिना मानचित्र स्वीकृति के बन रहे थे टिन शेड और कमरे
- सुनवाई में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर हुई कार्रवाई
देहरादून: राजधानी में अवैध निर्माणों के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में प्राधिकरण की टीम ने कावली क्षेत्र के इंजीनियर्स एन्कलेव में बिना मानचित्र स्वीकृति के व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किए जा रहे निर्माण को सील कर दिया। प्राधिकरण के अनुसार, संबंधित पक्ष सुनवाई के दौरान निर्माण की आवश्यक स्वीकृति से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। कार्रवाई पुलिस बल की मौजूदगी में की गई।
प्राधिकरण से मिली जानकारी के अनुसार, अनिल सक्सेना एवं अन्य की ओर से मिलन विहार के सामने, इंजीनियर्स एन्कलेव में टिन शेड और कमरों का निर्माण किया जा रहा था। निर्माण के लिए आवश्यक मानचित्र स्वीकृत नहीं होने पर MDDA ने संबंधित पक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी किया और निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए।
सुनवाई के बाद सीलिंग की कार्रवाई
प्राधिकरण ने मामले में वाद दायर कर सुनवाई की प्रक्रिया शुरू की। 12 अक्टूबर 2026 को निर्धारित सुनवाई के दौरान संबंधित पक्ष उपस्थित हुआ, लेकिन प्राधिकरण के अनुसार व्यावसायिक निर्माण की स्वीकृति से जुड़े आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए। जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने के बाद निर्माण को सील करने की कार्रवाई की गई।
अवैध निर्माण पर जारी रहेगी कार्रवाई
MDDA उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में सुनियोजित विकास सुनिश्चित करने के लिए अवैध प्लाटिंग और बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे निर्माणों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने लोगों से निर्माण शुरू करने से पहले आवश्यक मानचित्र स्वीकृत कराने की अपील की।
वहीं, MDDA सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण नियमानुसार संबंधित पक्ष को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर देता है। इंजीनियर्स एन्कलेव के मामले में आवश्यक दस्तावेज नहीं मिलने और जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा।
वहीं, MDDA सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण नियमानुसार संबंधित पक्ष को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर देता है। इंजीनियर्स एन्कलेव के मामले में आवश्यक दस्तावेज नहीं मिलने और जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा।