धामी कैबिनेट के 13 प्रस्तावों पर मुहर, अग्निवीरों की भर्ती से लेकर बाढ़ प्रबंधन तक अहम फैसले

  • हरिद्वार में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में बाल वीरता पुरस्कार योजना और जन विश्वास विधेयक को मंजूरी
  • विधानसभा के तृतीय सत्र के आयोजन का रास्ता साफ
  • बाल वीरता पुरस्कार योजना, बाढ़ मैदान नियमावली और विधानसभा सत्र बुलाने को भी मंजूरी

हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को हरिद्वार स्थित केंद्रीय मेला नियंत्रण भवन में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में विकास, रोजगार, प्रशासनिक सुधार और जनहित से जुड़े 13 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए भर्ती संबंधी नई नियमावली, मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना, उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, जन विश्वास संशोधन विधेयक और अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक समेत कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसके साथ ही उत्तराखंड विधानसभा के वर्ष 2026 के तृतीय सत्र को आहूत करने की मंजूरी भी दी गई।

अग्निवीरों को वर्दीधारी पदों पर भर्ती में राहत

कैबिनेट ने राज्य की समूह ‘ग’ के सीधी भर्ती वाले वर्दीधारी पदों पर सेवामुक्त अग्निवीरों के सेवायोजन के लिए नई नियमावली को मंजूरी दी। इसके तहत भर्ती प्रक्रिया में लिखित परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा से संबंधित छूट के प्रावधान शामिल किए गए हैं। पूर्व में लागू व्यवस्था में सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण और अधिकतम आयु सीमा में छूट का प्रावधान था। नई नियमावली केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार की गई है।

साहसी बच्चों को मिलेगा राज्य बाल वीरता पुरस्कार

विपरीत परिस्थितियों में असाधारण साहस, पराक्रम और मानवीय संवेदना का परिचय देने वाले बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी दी गई। योजना के माध्यम से साहसिक कार्य करने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा, ताकि अन्य बच्चों को भी कठिन परिस्थितियों में साहस और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की प्रेरणा मिल सके।

जन विश्वास विधेयक से आसान होंगी प्रक्रियाएं

प्रदेश में कारोबार को सुगम बनाने और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी गई। इसके तहत छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने, मामूली तकनीकी एवं प्रक्रियात्मक त्रुटियों पर नागरिक दंड और प्रशासनिक कार्रवाई की व्यवस्था करने तथा अनावश्यक कानूनी प्रावधानों को हटाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।

बाढ़ संभावित क्षेत्रों में भूमि उपयोग पर नियंत्रण

कैबिनेट ने उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026 को मंजूरी दी। इसके माध्यम से बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में भूमि उपयोग और विकास गतिविधियों को व्यवस्थित एवं नियंत्रित करने के लिए प्रक्रिया और मानक निर्धारित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य बाढ़ के प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखने के साथ जन-धन और आधारभूत ढांचे को संभावित नुकसान से बचाना है।

विधानसभा का तृतीय सत्र बुलाने की मंजूरी

मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड की पंचम विधानसभा के वर्ष 2026 के तृतीय सत्र को आहूत करने की मंजूरी दी। सत्र की तिथि और स्थान निर्धारित करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अधिकृत किया गया है। बैठक में सत्र की निश्चित तारीख और स्थान की घोषणा नहीं की गई।

प्राच्य शोध संस्थान का होगा विस्तार

हरिद्वार के ऋषिकुल स्थित श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास और विस्तार के लिए सोसायटी के गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। प्रस्तावित योजना में योग एवं ध्यान, आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान, ज्योतिष एवं प्राच्य अध्ययन, ललित कला, हिंदू अध्ययन एवं दर्शन तथा आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र विकसित करने की परिकल्पना है। इसका उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति और आधुनिक शोध को प्रोत्साहित करना है।

परिसंपत्तियों से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत संबंधित एजेंसियों को

कैबिनेट ने उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना (विकास और विनियमन) अधिनियम, 2023 की अनुसूची-3 में संशोधन को मंजूरी दी। इसके तहत सार्वजनिक अभिकरणों, स्थानीय निकायों, राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों और वित्तीय रूप से स्वायत्त संस्थाओं की परिसंपत्तियों के विनिवेश एवं मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत हिस्सा संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को दिए जाने का प्रावधान किया गया है।

अग्निशमन एवं आपात सेवाओं के लिए नया विधेयक

राज्य में अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी गई। प्रस्तावित विधेयक में बढ़ते शहरीकरण, औद्योगिक विकास और अग्नि दुर्घटनाओं से जुड़ी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए कानूनी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने का प्रावधान है।

जल एवं स्वच्छता मिशन के 215 पदों को निरंतरता

कैबिनेट ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत परियोजना प्रबंधन इकाई, स्वजल और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के कुल 215 पदों की निरंतरता को मंजूरी दी। इन पदों की अवधि 1 मार्च 2026 से 28 फरवरी 2027 तक बढ़ाई गई है। इनमें स्वजल के 189 और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 26 पद शामिल हैं।

आवासीय परियोजना और भू-उपयोग संबंधी फैसले

हरिद्वार जिले की भगवानपुर तहसील के ग्राम सिसौना में प्रस्तावित किफायती आवासीय परियोजना के पहुंच मार्ग की चौड़ाई में शिथिलता को मंजूरी दी गई। लगभग 8.1169 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित परियोजना के लिए निर्धारित नौ मीटर के स्थान पर उपलब्ध छह मीटर चौड़े मार्ग को देखते हुए तीन मीटर की शिथिलता प्रदान की गई।

वहीं, ऊधमसिंह नगर जिले की बाजपुर तहसील के ग्राम भौना इस्लामनगर में 24,280 वर्गमीटर भूमि के भू-उपयोग परिवर्तन से संबंधित शासनादेश में खसरा संख्या की त्रुटि सुधारने को मंजूरी दी गई। शासनादेश में दर्ज खसरा संख्या 321/1अ के स्थान पर अब सही संख्या 321/2अ दर्ज की जाएगी।

संस्कृति विभाग के वित्तीय अधिकारों में संशोधन

कैबिनेट ने उत्तराखंड वित्तीय हस्तपुस्तिका खंड-1 में संशोधन को मंजूरी दी। इसके तहत संस्कृति विभाग के विभागाध्यक्ष के रूप में दर्ज निदेशक, कला एवं संस्कृति विभाग के स्थान पर महानिदेशक, संस्कृति निदेशालय, उत्तराखंड का नाम प्रतिस्थापित किया जाएगा। इसका उद्देश्य विभाग की मौजूदा प्रशासनिक संरचना के अनुरूप वित्तीय अधिकारों का संचालन सुनिश्चित करना है।

केंद्र सरकार के सहयोग के लिए जताया आभार

बैठक में उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की ओर से मिल रहे सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया गया। राज्य की पर्वतीय, सीमावर्ती और सामरिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए विकास संबंधी आवश्यकताओं के अनुरूप भविष्य में भी केंद्र से निरंतर सहयोग की अपेक्षा जताई गई।

कैबिनेट के इन फैसलों में रोजगार के अवसर बढ़ाने, साहसी बच्चों को प्रोत्साहित करने, बाढ़ प्रबंधन, कारोबार से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। जिन विधेयकों को मंजूरी मिली है, उन्हें अब विधानसभा में प्रस्तुत किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

देने के प्रावधान को मंजूरी।

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