उत्तराखंड में 5 नवंबर तक भाजपा का ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान

  • मुख्यमंत्री धामी ने 10 हजार से अधिक लोगों की भागीदारी का लक्ष्य बताया
  • मतदाता सूची विवाद और लोकतांत्रिक मर्यादाओं पर कांग्रेस को घेरा
  • मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर जनादेश का अपमान करने और भ्रम फैलाने का लगाया आरोप
  • 2 नवंबर को देहरादून में 10 हजार से अधिक लोगों की भागीदारी का लक्ष्य

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर लोकतंत्र की गरिमा को नुकसान पहुंचाने और जनता के बीच भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए भाजपा के प्रदेशव्यापी अभियान की घोषणा की है। भाजपा 22 अक्टूबर से 5 नवंबर तक ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान चलाएगी। इसके तहत प्रदेश के सभी 13 जिलों में पदयात्राएं और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पार्टी का उद्देश्य लोकतांत्रिक व्यवस्था और मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े विवादों पर अपना पक्ष जनता के सामने रखना है।

गुरुवार को देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास देशहित में नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस जनता के बीच भ्रामक नैरेटिव प्रस्तुत कर रही है। भाजपा इस अभियान के माध्यम से ऐसे दावों की वास्तविकता जनता के सामने रखेगी।

धामी के अनुसार, 31 अक्टूबर को श्रीनगर में पदयात्रा निकाली जाएगी, जबकि 2 नवंबर को देहरादून में विशाल पदयात्रा आयोजित होगी। इसमें 10 हजार से अधिक लोगों की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है। 3 नवंबर को रुद्रपुर में पदयात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद प्रदेश के अन्य जिलों में भी कार्यक्रम आयोजित होंगे।

जनादेश और मतदाता सूची के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि वर्ष 2014 में केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद से कांग्रेस जनादेश को सहजता से स्वीकार नहीं कर पा रही है। उन्होंने राहुल गांधी का उल्लेख करते हुए विपक्ष से लोकतांत्रिक संस्थाओं और नेता प्रतिपक्ष के पद की मर्यादा बनाए रखने की अपील की।

मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के विवाद पर धामी ने कहा कि उनका नाम भी तीन स्थानों से हटाया गया है और अब खटीमा में दर्ज है। उन्होंने मतदाता सूची के शुद्धीकरण का समर्थन करते हुए कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर किसी भी तरह की आपत्ति होने पर नियमानुसार शिकायत की जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने दीपावली के दौरान बाजारों में विरोध प्रदर्शनों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि त्योहारों के समय व्यापारियों का कारोबार बढ़ता है और बाजार प्रभावित होने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

रेखा आर्य प्रकरण में निष्पक्ष जांच पर जोर

रेखा आर्य प्रकरण पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और किसी भी दोषी को बचाया नहीं जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून अपना काम कर रहा है।

वहीं, कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह के भाई से जुड़े कथित धमकी भरे ऑडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए धामी ने कहा कि न्याय यात्रा निकालने वाले ही अन्याय कर रहे हैं।

दलेर मेहंदी प्रकरण पर सीएम करेंगे बात

नई टिहरी के कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले में गायक दलेर मेहंदी की प्रस्तुति को लेकर उठे विवाद पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह दलेर मेहंदी और उनके भाई मीका सिंह से बातचीत करेंगे।

विवाद उस समय शुरू हुआ, जब कार्यक्रम के दौरान दलेर मेहंदी की प्रस्तुति में रिकॉर्डेड ट्रैक पर लिप-सिंक किए जाने के आरोप लगे। दर्शकों की नाराजगी के बीच कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंचे और कलाकार को टोक दिया। घटना का वीडियो प्रसारित होने के बाद मामला चर्चा में आ गया।

मंत्री सुबोध उनियाल ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि उन्हें कलाकार की स्वास्थ्य संबंधी स्थिति की जानकारी नहीं थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दलेर मेहंदी बड़े कलाकार हैं और उत्तराखंड कलाकारों का सम्मान करने वाली धरती है। उन्होंने सभी पक्षों से विवाद को अधिक तूल न देने की अपील की।

भाजपा का प्रस्तावित अभियान जहां कांग्रेस के खिलाफ राजनीतिक जनसंपर्क का माध्यम बनेगा, वहीं मतदाता सूची और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से जुड़े मुद्दों पर प्रदेश में राजनीतिक बहस तेज होने के संकेत भी दे रहा है।

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