- 10 पिंक ई-बसें चलेंगी
- रक्षाबंधन पर सीएम धामी ने महिलाओं के लिए कीं कई बड़ी घोषणाएं
- स्वरोजगार ऋण की सीमा 2.50 लाख रुपये होगी
देहरादून: रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महिलाओं के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं। चकरपुर में आयोजित रक्षाबंधन समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रदेश में 60 वर्ष की आयु पूरी करने वाली महिलाओं को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी। वर्तमान में 65 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को यह सुविधा उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत देहरादून में संचालित होने वाली 100 इलेक्ट्रिक बसों में से 10 बसें महिलाओं के लिए पिंक ई-बस के रूप में समर्पित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि चरणबद्ध तरीके से यह सुविधा प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी विस्तार की जाएगी।
महिला स्वरोजगार योजना में बढ़ेगी ऋण सीमा
महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने महिला स्वरोजगार योजना के तहत रियायती बैंक ऋण की सीमा दो लाख से बढ़ाकर 2.50 लाख रुपये करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास महिलाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों, बाजारों और पर्यटन स्थलों पर महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए आधुनिक हाईटेक टॉयलेट विकसित करने की भी घोषणा की। इनमें स्वच्छता के साथ महिलाओं की निजता, सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
3.09 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में अब तक 3 लाख 9 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने महिलाओं से लखपति दीदी से आगे बढ़कर करोड़पति बनने का लक्ष्य रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार इस यात्रा में महिलाओं के साथ खड़ी है।
उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूहों को पांच लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के माध्यम से महिलाओं के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है।
सभी विकासखंडों में केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जबकि देहरादून में प्रदेश के सभी 13 जिलों के उत्पादों की बिक्री के लिए 13 सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नंदा गौरा योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट, 181 महिला हेल्पलाइन, वन स्टॉप सेंटर और सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण जैसे कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।
चकरपुर स्टेडियम में आयोजित समारोह में महिलाओं ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारी का पर्व है। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति का सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं एक भाई के रूप में हमेशा अपना कर्तव्य पूरी ईमानदारी के साथ निभाऊंगा।” समारोह में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।