- शेयर-आईपीओ में निवेश का झांसा देकर ठगी
- आरोपी के खाते में पहुंचे थे 8.94 लाख
देहरादून: शेयर और आईपीओ में निवेश के नाम पर मोटे मुनाफे का झांसा देकर 55.48 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के एक सदस्य को एसटीएफ की साइबर क्राइम पुलिस ने अमृतसर से गिरफ्तार किया है। आरोपी के बैंक खाते में ठगी की रकम में से 8.94 लाख रुपये पहुंचे थे। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने यह रकम एटीएम और चेक के जरिए निकाली थी। पूछताछ में गिरोह के अन्य सदस्यों के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिली है।
साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में दर्ज मुकदमे की जांच के दौरान बैंकिंग और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण में आरोपी की भूमिका सामने आई। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने खुद को आईआईएफएल वेल्थ मैनेजमेंट से जुड़ा बताकर शिकायतकर्ता को शेयर और आईपीओ में निवेश के नाम पर आकर्षक लाभ का झांसा दिया। इसके बाद 16 दिसंबर 2025 से 28 जनवरी 2026 के बीच शिकायतकर्ता से अलग-अलग बैंक खातों में आरटीजीएस के माध्यम से कुल 55,48,412 रुपये जमा कराए गए।
हरि ओम ट्रेडर्स के खाते से पहुंची रकम
जांच में सामने आया कि ठगी की रकम में से 25,48,412 रुपये एक प्रथम-लेयर संदिग्ध खाते एम/एस हरि ओम ट्रेडर्स में ट्रांसफर हुए थे। इसी रकम में से 3,18,000 और 5,76,300 रुपये, यानी कुल 8,94,300 रुपये, आरोपी प्रभजीत सिंह के पीएनबी खाते में पहुंचे। बैंकिंग और तकनीकी साक्ष्यों से आरोपी की भूमिका सामने आने के बाद एसटीएफ ने उसकी तलाश शुरू की।
अमृतसर में दबिश देकर दबोचा
पुलिस टीम ने 11 अगस्त को पंजाब के अमृतसर में दबिश देकर तारा वाला पुल, जालंधर रोड से प्रभजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। 20 वर्षीय आरोपी अमृतसर के छेहरटा क्षेत्र की भल्ला कॉलोनी का रहने वाला है। उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन और एक एसएमएस अलर्ट नंबर बरामद किया गया।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने अन्य बैंक खातों से भी साइबर ठगी की रकम निकालने की बात स्वीकार की है। उसने गिरोह में शामिल अन्य लोगों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी है। अब पुलिस अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ठगी की रकम की बरामदगी के प्रयास में जुटी है।
कार्रवाई करने वाली टीम में विवेचक निरीक्षक विजय भारती, उपनिरीक्षक रमन बिष्ट, अपर उपनिरीक्षक पवन कुमार यादव और कांस्टेबल सोहन बडोनी शामिल रहे।