श्री गुरु राम राय विवि में राष्ट्रीय योग कार्यशाला का आयोजन,

  • मर्म चिकित्सा और योग के संबंध में विशेषज्ञों ने साझा की महत्वपूर्णं जानकारियां
  • 800 छात्र-छात्राओं, शोधार्थियों , संकाय सदस्यों एवं गणमान्य नागरिकों ने की सहभागिता

देहरादून:श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के प्रचार के संबंध भारत एक योग राष्ट्रीय कार्यशाला सह सेमिनार का आयोजन किया गया।

श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के पथरी बाग स्थित हैलीपैड ग्राउण्ड में करीब 800 छात्र-छात्राओं, शोधार्थियों, संकाय सदस्यों एवं गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की।

उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री लेफ्टिनेंट जनरल भुवन चन्द खंडूरी के राजकीय शोक को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम को श्रद्धांजलि कार्यक्रम के रूप में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में सर्वप्रथम पूर्व मुख्यमंत्री लेफ्टिनेंट जनरल भुवन चन्द खंडूरी को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।
योगाभ्यास का पूर्ण फल सभी ने खंडूरी को समर्पित करते हुए उनके संकल्पों और आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
योग प्रोटोकॉल का सामूहिक अभ्यास एवं परिसर की नैसर्गिक झलक ने अभ्यास को ऊर्जावान बनाया।
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डाॅ.) के प्रतापन ने जीवन मूल्यों के संरक्षण में योग की उपादेयता को रेखांकित करते हुए नित्य योगाभ्यास करने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम के अन्त में अंतरराष्ट्रीय योग प्रोटोकॉल के संकल्प की शपथ दिलाई गई। सभी आगंतुको द्वारा श्रद्धांजलि पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए गये। राष्ट्रीय सेमिनार का उद्घाटन 11 बजे विश्वविद्यालय के पथरी बाग परिसर के आॅडिटोरियम में हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय भुवन चन्द खंडूरी जी के चित्र पर श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। सेमिनार के मुख्य वक्ता डॉ सुनील कुमार जोशी ने मर्म चिकित्सा और योग के संबंध में समन्वय पर अपना मुख्य वक्तव्य दिया।
सेमिनार में भारत सरकार आयुष मंत्रालय के वैज्ञानिक अधिकारी योग डॉक्टर रामनारायण मिश्र ने मानसिक शुद्धि में योग की भूमिका पर अपना वक्तव्य दिया।
ऑनलाइन वक्ता के रूप में बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय मध्य प्रदेश के डीन डॉक्टर मनोज शर्मा ने योग एवं मानसिक स्वास्थ्य विषय पर एक व्याख्यान प्रस्तुत किया।

श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा पद्धति के साथ-साथ वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियां भी स्वास्थ्य संरक्षण और उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।डॉक्टर सुनील जोशी ने जनकल्याण हेतु श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में मर्म चिकित्सा का चिकित्सालय भी शुरू करने का भी अनुरोध किया।
राष्ट्रीय कार्यशाला एवं सेमिनार के संयोजक व संकायाध्यक्ष योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा प्रो (डॉ) ओम नारायण तिवारी तथा राष्ट्रीय कार्यशाला एवं सेमिनार के आयोजक सचिव व विभागध्यक्ष डॉ सुरेन्द्र प्रसाद रयाल ने कार्यक्रम में आए हुए सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह एवं तुलसी का पौधा भेंट कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम के भव्य आयोजन हेतु श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के प्रेसीडेंट श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज जी ने अपना आशीर्वाद एवं योग प्रोटोकॉल के अभ्यास को जन-जन तक प्रोत्साहित करने में पूर्ण योगदान का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलसचिव अधिकारी संकायाध्यक्ष, खेल अधिकारी, एन.सी.सी. अधिकारी, एन.सी.सी. वालंटियर्स, शोधार्थी एवं कैंपस के छात्र- छात्राओं ने प्रतिभागिता की। विश्वविद्यालय ने प्रायोजकत्व हेतु आयुष मंत्रालय को धन्यवाद दिया।

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