नई दिल्ली/ देहरादून: राज्यसभा सांसद एवं भाजपा राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष डॉ. नरेश बंसल ने संसद में पंचायतों की अपनी आय (Own Source Revenue – OSR) बढ़ाने के गंभीर मुद्दे को उठाया। उन्होंने पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह से विस्तृत जानकारी मांगी।
मंत्री ने लिखित उत्तर में बताया कि:
- पंचायती राज मंत्रालय ने वर्ष 2022 में विशेषज्ञ समिति गठित की थी। समिति की रिपोर्ट के अनुसार, 2017-18 से 2021-22 के बीच 30 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों की पंचायतों ने कुल 25,595 करोड़ रुपये का OSR एकत्र किया। राष्ट्रीय स्तर पर प्रति व्यक्ति OSR मात्र 59 रुपये प्रति वर्ष रहा, जबकि गोवा में यह 1,635 रुपये तक है।
- पंचायतों को OSR बढ़ाने में मुख्य चुनौतियां हैं — पुराने नियम, कराधान शक्तियों का अपर्याप्त हस्तांतरण, कर लगाने में अनिच्छा और कमजोर वसूली तंत्र।
डिजिटल समाधान: मंत्रालय ने समर्थ पंचायत पोर्टल विकसित किया है, जो कर मांग, ऑनलाइन भुगतान और राजस्व ट्रैकिंग की सुविधा देता है। इस पोर्टल का सफल पायलट परीक्षण हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ में हो चुका है। सभी राज्यों को इस पोर्टल से जुड़ने के लिए कहा गया है।
प्रोत्साहन योजना: संशोधित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA) के तहत वर्ष 2025 में आत्मनिर्भर पंचायत विशेष पुरस्कार (ANPSA) शुरू किया गया। यह पुरस्कार OSR बढ़ाने में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली ग्राम पंचायतों को दिया जाएगा।
- प्रथम पुरस्कार: 1 करोड़ रुपये
- द्वितीय पुरस्कार: 75 लाख रुपये
- तृतीय पुरस्कार: 50 लाख रुपये
इसके अलावा, 16वें वित्त आयोग ने ग्रामीण स्थानीय निकायों के प्रदर्शन अनुदान के रूप में 43,524 करोड़ रुपये आवंटित करने की सिफारिश की है, जिसे OSR वृद्धि से जोड़ा गया है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि पंचायतों की वित्तीय स्वायत्तता बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि वे केंद्र और राज्य सरकारों पर कम निर्भर रहें।
यह पहल पंचायतों को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।