देहरादून: मंगलवार को लोक भवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से षष्टम राज्य वित्त आयोग, उत्तराखण्ड के अध्यक्ष एन. रवि शंकर ने आयोग का प्रतिवेदन (2026-2031) प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर आयोग के सदस्य पी.एस. जंगपांगी, डॉ. एम.सी. जोशी तथा अपर सचिव नवनीत पाण्डे भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर अध्यक्ष ने आयोग के प्रतिवेदन की मुख्य अनुशंसाओं के बारे में बताते हुए सामुदायिक परिसंपत्तियों के रख-रखाव तथा उनकी समुचित मैपिंग के लिए आवश्यक कदम उठाने पर बल दिया। इसके साथ ही उन्होंने योजनाओं एवं संसाधनों के समन्वय (कन्वर्जेंस), सहयोग एवं सहकारिता की भावना को बढ़ावा देने, रोजगार सृजन पर ध्यान केंद्रित करने तथा वर्तमान परिवर्तनशील दौर में प्रौद्योगिकी के अधिकतम उपयोग पर भी जोर दिया।
राज्यपाल ने आयोग के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि नियमानुसार आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण होने के पश्चात आयोग की संस्तुतियां जनप्रतिनिधियों एवं आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंचनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आयोग की सिफारिशों का धरातल पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि आम जनता को इसका वास्तविक लाभ मिल सके।