देहरादून: मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ अपनी सख्ती और तेज कर दी है। प्राधिकरण की टीम ने डोईवाला और ऋषिकेश क्षेत्रों में कई अवैध भवनों को सील कर दिया। टीम और पुलिस बल की मौजूदगी में चलाए गए इस अभियान से अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मच गया है।
एमडीडीए ने साफ संदेश दिया है कि बिना स्वीकृत मानचित्र और नियमों के विरुद्ध हो रहे निर्माणों पर अब कोई भी नरमी नहीं बरती जाएगी। प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों की लगातार निगरानी की जा रही है और उल्लंघन पाए जाने पर तुरंत सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है।
डोईवाला में कार्रवाई डोईवाला क्षेत्र के कान्हरवाला भानियावाला तिराह पर नेत्रपाल सिंह सैनी द्वारा किए जा रहे अवैध व्यावसायिक निर्माण को एमडीडीए की टीम ने सील कर दिया। सहायक अभियंता प्रमोद मेहरा, सुपरवाइजर और पुलिस बल की मौजूदगी में सभी औपचारिकताएं पूरी कर निर्माण कार्य बंद कराया गया।
ऋषिकेश में दो निर्माण सील ऋषिकेश में एमडीडीए टीम ने दो अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की। निर्मल बाग ब्लॉक-बी, गली नंबर 10 में आलोक कुडियाल द्वारा बनाए जा रहे अवैध निर्माण को नियमों के विरुद्ध पाए जाने पर सील किया गया। वहीं, निर्मल बाग ब्लॉक-सी में आयुष अग्रवाल द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण को भी सील कर दिया गया। इन दोनों कार्रवाइयों के दौरान सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, सुपरवाइजर और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा।
प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार, इन निर्माणों के खिलाफ पहले भी नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन संबंधित व्यक्तियों ने नियमों का पालन नहीं किया। इसके बाद एमडीडीए ने सख्त रुख अपनाते हुए सीलिंग की कार्रवाई की।
एमडीडीए उपाध्यक्ष का बयान
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा, “प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ पूरी सख्ती के साथ अभियान चलाया जा रहा है। बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण करना कानूनन अपराध है और इससे शहर के सुनियोजित विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। हमारी टीमें लगातार निरीक्षण कर रही हैं और जहां भी उल्लंघन मिल रहा है, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है। नागरिकों से अपील है कि किसी भी निर्माण से पहले सभी आवश्यक अनुमतियां अवश्य प्राप्त करें।”
एमडीडीए सचिव का बयान
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि डोईवाला और ऋषिकेश में चिन्हित अवैध निर्माणों पर नियमानुसार सीलिंग की गई है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की टीमें नियमित निरीक्षण कर रही हैं और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तुरंत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। अवैध निर्माणों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
एमडीडीए ने सभी निर्माणकर्ताओं को चेतावनी दी है कि नियमों की अनदेखी अब महंगी पड़ सकती है। प्राधिकरण का उद्देश्य शहर का विकास योजनाबद्ध और व्यवस्थित तरीके से सुनिश्चित करना है।
