देहरादून: मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त अभियान चलाते हुए विभिन्न स्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई प्राधिकरण के नियमों के उल्लंघन को रोकने और नियोजित विकास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है। एमडीडीए द्वारा स्पष्ट किया गया है कि बिना स्वीकृति के किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य या प्लॉटिंग पूर्णतः अवैध है और ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नफीस पुत्र मोहम्मद जमील द्वारा एलिक नेचर विला, आईकॉन रिसॉर्ट के निकट, ग्राम बागी इठाराना मार्ग, भोगपुर रानीपोखरी, देहरादून में बिना स्वीकृति प्लॉटिंग पर अवैध निर्माण किया जा रहा था। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और निर्माण कार्य को नियमों के विरुद्ध पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से सीलिंग की कार्रवाई की। इस कार्रवाई के दौरान अवर अभियंता दीपक नौटियाल, स्वाती कोहली तथा संबंधित सुपरवाइजर मौके पर मौजूद रहे।
इसके अतिरिक्त, रायवाला ऋषिकेश क्षेत्र में वुड रिसॉर्ट के सामने प्रीत कुमार द्वारा अवैध रूप से निर्मित दुकानों पर भी प्राधिकरण ने कार्रवाई करते हुए उन्हें सील कर दिया। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि निर्माण कार्य बिना मानचित्र स्वीकृति के किया गया था, जो प्राधिकरण के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। साथ ही दिनेश मंगाई द्वारा गली न0 6 हरिपुर कला ऋषिकेश में किये गए अवैध निर्माण पर कार्यवाही की गई इस कार्रवाई में सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, सुपरवाइजर एवं पुलिस बल की उपस्थिति में सीलिंग की प्रक्रिया पूरी की गई।
एमडीडीए द्वारा यह अभियान लगातार चलाया जा रहा है, जिसके तहत प्राधिकरण क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में अवैध निर्माणों की पहचान कर उन पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। प्राधिकरण का उद्देश्य केवल अवैध निर्माणों को रोकना ही नहीं, बल्कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में सुव्यवस्थित और सुरक्षित विकास को बढ़ावा देना भी है। इसके लिए नियमित निरीक्षण और निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को समय रहते रोका जा सके। एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में भी इस प्रकार की कार्रवाई और तेज की जाएगी तथा अवैध निर्माणों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी, जिससे देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में सुव्यवस्थित और सुरक्षित विकास सुनिश्चित किया जा सके।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि बिना स्वीकृति के प्लॉटिंग और निर्माण कार्य से न केवल नियमों का उल्लंघन होता है, बल्कि इससे पूरे क्षेत्र के नियोजित विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। प्राधिकरण द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है और जहां भी अवैध निर्माण की जानकारी मिल रही है, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी निर्माण कार्य से पूर्व मानचित्र की स्वीकृति अवश्य लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा या कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।
सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि एमडीडीए अवैध निर्माणों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण की टीमें लगातार फील्ड में सक्रिय हैं और संदिग्ध निर्माण कार्यों की जांच कर रही हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि सभी निर्माण कार्य प्राधिकरण से विधिवत स्वीकृति प्राप्त कर ही करें, ताकि किसी भी प्रकार की कार्रवाई से बचा जा सके।