- यूसीसी का सफल क्रियान्वयन प्रशासन और जनसहयोग का परिणाम- विधायक
- यूसीसी के एक वर्ष पूर्ण होने पर पौड़ी में व्यापक कार्यक्रम, 43 हजार से अधिक पंजीकरण पूर्ण
- महिलाओं को न्याय और समान अवसर देने की दिशा में यूसीसी निर्णायक कदम- जिलाधिकारी
पौड़ी: यूसीसी के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जनपद पौड़ी में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग करते हुए जनपदवासियों को यूसीसी दिवस की शुभकामनाएँ दीं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह गर्व का विषय है कि समान नागरिक संहिता का यह कानून केवल घोषणा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रभावी रूप से धरातल पर लागू होकर जनकल्याण का माध्यम बना है। इसके माध्यम से सरकारी सेवाओं तक जनता की पहुँच को अधिक सरल, पारदर्शी और न्यायसंगत बनाया गया है। भारतीय संस्कृति के मूल में निहित समानता, सामाजिक न्याय और बंधुत्व के मूल्यों को यह कानून सशक्त करता है, क्योंकि एक सशक्त और समरस समाज के लिए सभी नागरिकों हेतु समान कानून आवश्यक है। समान नागरिक संहिता महिलाओं को न्याय, सम्मान और आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान कर समाज को नई दिशा देने का कार्य करेगी।
संस्कृति विभाग के प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक पौड़ी राजकुमार पोरी तथा जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया। संस्कृति विभाग की ओर से स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया, जबकि जिला पंचायतीराज अधिकारी जितेंद्र कुमार ने स्वागत उद्बोधन देते हुए अवगत कराया कि यूसीसी दिवस के अवसर पर जनपद के समस्त विकासखंडों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
खंड विकास अधिकारी दृष्टि आनंद ने यूसीसी को अधिकार के रूप में जन-जन तक पहुँचाने के लिए सभी की सहभागिता की अपील की। कार्यक्रम के दौरान यूसीसी पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसमें इसके उद्देश्य, महत्व एवं प्रावधानों की संक्षिप्त जानकारी दी गई।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कड़ी में हेमंती सिंह द्वारा “हम उत्तराखंडी छा” गीत की प्रस्तुति दी गई। इसके साथ ही विद्यालय स्तर पर आयोजित निबंध, चित्रकला एवं वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। जिला स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों एवं कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया। साथ ही जनपद के प्रथम यूसीसी पंजीकरणकर्ता दंपत्ति अंकित एवं रिंकी तड़ियाल को विशेष रूप से सम्मान प्रदान किया गया।
विधायक राजकुमार पोरी ने अपने संबोधन में कहा कि समान नागरिक संहिता समाज में समानता, न्याय और पारदर्शिता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि यह कानून किसी वर्ग विशेष के लिए नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए है। विधायक ने जनपद स्तर पर इसे सफलतापूर्वक लागू करने के लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड ने देश को एक नई दिशा और प्रेरणा देने का कार्य किया है।
जिलाधिकारी ने उपस्थित जनसमूह का स्वागत करते हुए कहा कि कभी समान नागरिक संहिता केवल एक आदर्श कल्पना प्रतीत होती थी, जिसे भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में लागू करना कठिन माना जाता था। उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड में यह कार्य मात्र तीन वर्षों में दृढ़ इच्छाशक्ति और सामूहिक प्रयास से पूर्ण किया गया। उन्होंने कहा कि जनपद पौड़ी की 1166 ग्राम पंचायतों में से 835 पंचायतों में कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण होना एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि इच्छाशक्ति और टीमवर्क से असंभव भी संभव हो जाता है, और आज उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बनकर इतिहास रच चुका है। उन्होंने बताया कि पौड़ी जनपद में वर्तमान तक यूसीसी में 43784 पंजीकरण पूर्ण हो चुके हैं।
अपर जिलाधिकारी अनिल गर्ब्याल ने कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों तथा प्रतिभागियों का हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में विभिन्न विभागों, सांस्कृतिक दलों, विद्यार्थियों एवं आयोजन से जुड़े सभी कार्मिकों के सहयोग की सराहना की।
कार्यक्रम का संचालन जयदीप रावत ने किया। इस अवसर पर संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिव मोहन शुक्ला, जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक रणजीत सिंह नेगी, जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र पाण्डेय, एडीपीआरओ प्रदीप सुंदरियाल, डीआईओ एनआईसी मयंक शर्मा, तहसीलदार दीवान सिंह राणा, जिला खेल समन्वयक योगंबर नेगी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, स्कूली बच्चे तथा आम नागरिक उपस्थित रहे।