- उपचार के दौरान प्रांजय मावड़ी ने तोड़ा दम, पोस्टमार्टम के बाद तीनों छात्रों का अंतिम संस्कार
हल्द्वानी: तीनपानी फ्लाईओवर पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां उजाड़ दीं। शुक्रवार शाम तक जिंदगी की उम्मीद में अस्पताल में भर्ती प्रांजय मावड़ी ने शनिवार सुबह उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे में उसके दो दोस्तों की पहले ही मौत हो चुकी थी। तीसरे छात्र की मौत की खबर ने परिजनों की बची-खुची उम्मीद भी तोड़ दी। जिन घरों में बच्चों के भविष्य को लेकर सपने संजोए जा रहे थे, वहां अब अपनों को खोने का गम है। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद तीनों छात्रों के शव घर पहुंचे तो स्वजन की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। दोपहर बाद तीनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
तेज रफ्तार कार फ्लाईओवर पर हुई दुर्घटनाग्रस्त
हादसा शुक्रवार शाम उस समय हुआ, जब गौलापार से लालकुआं की ओर जा रही एक कार तीनपानी फ्लाईओवर पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। कार में सवार छात्र हादसे का शिकार हो गए। इस दुर्घटना में ऊंचापुल मुखानी निवासी 16 वर्षीय उत्कर्ष धपोला, पुत्र शैलेंद्र सिंह धपोला, और देवलचौड़ खाम निवासी 17 वर्षीय सिद्धांत पाठक, पुत्र रवि मोहन पाठक की मौत हो गई थी। दोनों छात्र जेईई मेन्स की तैयारी कर रहे थे और अपने भविष्य को संवारने में जुटे थे।
हादसे में श्याम विहार पीलीकोठी निवासी 16 वर्षीय प्रांजय मावड़ी और पीलीकोठी निवासी 17 वर्षीय भाविका घायल हो गए थे। दुर्घटना के बाद घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। प्रांजय की हालत गंभीर होने के कारण उसे डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल से एक निजी अस्पताल रेफर किया गया था। चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार चल रहा था, लेकिन शनिवार सुबह उसकी सांसें थम गईं।
तीसरे छात्र की मौत से टूट गई परिवार की उम्मीद
प्रांजय के परिजन उसके स्वस्थ होकर लौटने की आस लगाए बैठे थे। गंभीर हालत के चलते उसे बेहतर उपचार के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन तमाम उम्मीदों के बीच शनिवार सुबह उसकी मौत हो गई। प्रांजय के पिता डायट में प्रोफेसर हैं। बेटे को खोने की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
एक ही हादसे में तीन किशोरों की मौत ने उनके परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद जब तीनों के शव घर पहुंचे तो परिजनों का विलाप सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। इसके बाद दोपहर में तीनों छात्रों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
घायल छात्रा की हालत खतरे से बाहर
हादसे में घायल भाविका का उपचार डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल में चल रहा है। जानकारी के अनुसार, उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। हादसे में तीन छात्रों की मौत के बाद परिवारों और परिचितों में शोक का माहौल है।
तेज गति से हादसे की आशंका, जांच जारी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी ने बताया कि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार की गति तेज थी। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। जांच के बाद ही दुर्घटना की परिस्थितियों के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
तीनपानी फ्लाईओवर पर हुए इस हादसे ने तीन परिवारों को ऐसा दुख दिया है, जिसकी भरपाई संभव नहीं। तीन किशोरों की असमय मौत से उनके सपने अधूरे रह गए और पीछे छूट गए वे परिजन, जिनकी दुनिया उनके बच्चों के इर्द-गिर्द बसती थी।