दून में किन्नर “बधाई राशि” ₹5100 तय करने पर विवाद, हाईकोर्ट जाने की चेतावनी

देहरादून: नगर निगम की बोर्ड बैठक में किन्नर समुदाय को दी जाने वाली ₹5100 “बधाई राशि” को लेकर विवाद शुरू हो गया है। निगम की बोर्ड बैठक में बधाई राशि की अधिकतम सीमा ₹5100 तय किए जाने के प्रस्ताव ने सामाजिक और प्रशासनिक स्तर पर बहस छेड़ दी है।

नगर निगम का कहना है कि कई पार्षदों की शिकायत के बाद लिए गए इस निर्णय का उद्देश्य उन शिकायतों पर रोक लगाना है, जिनमें कुछ स्थानों पर अधिक धनराशि की मांग की बात सामने आई थी।अधिकारियों के अनुसार सीमा तय होने से आम लोगों को राहत मिल सकेगी और अनावश्यक दबाव की स्थितियों में कमी आएगी।

वहीं, राज्य मंत्री रजनी रावत ने इस निर्णय का विरोध किया है। उन्होंने इसे किन्नर समुदाय की परंपराओं और अधिकारों में हस्तक्षेप बताया है। उनके अनुसार, बधाई राशि स्वेच्छा से दी जाती है और इस पर कोई सीमा तय करना उचित नहीं है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि निर्णय वापस नहीं लिया गया तो मामला हाईकोर्ट तक ले जाया जा सकता है।

किन्नर समुदाय के कुछ प्रतिनिधियों ने भी इस फैसले पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि बधाई देना एक सांस्कृतिक परंपरा है, जिसे किसी निश्चित सीमा में बांधना व्यावहारिक नहीं है। साथ ही इससे उनकी आजीविका पर भी प्रभाव पड़ सकता है। दूसरी ओर, शहर के अधिकांश लोगों ने निगम के निर्णय का समर्थन किया है। उनका मानना है कि तय सीमा से मनमानी मांगों पर नियंत्रण लगेगा और आम नागरिकों को राहत मिलेगी। फिलहाल, यह मुद्दा परंपरा और प्रशासनिक नियंत्रण के बीच संतुलन को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है।

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