देहरादून: जीएसटी अपील अधिकरण (GSTAT) की देहरादून बेंच पूर्ण रूप से कार्यरत हो गई। बेंच के सदस्य आनंद शाह (सदस्य–तकनीकी, केंद्रीय), राजेश जैन (सदस्य–न्यायिक) तथा नरेश कत्याल (सदस्य–न्यायिक) ने औपचारिक रूप से अपना कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर केंद्रीय वस्तु एवं सेवाकर आयुक्तालय, देहरादून तथा राज्य जीएसटी के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यभार ग्रहण के उपरांत जीएसटी अपील अधिकरण (GSTAT) के सदस्यों द्वारा प्रिसिंपल बेंच के साथ एक वेबिनार का आयोजन भी किया गया, जिसमें कार्यप्रणाली एवं समन्वय से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई।
GSTAT, CGST एवं SGST दोनों के राजस्व हितों की सुरक्षा करते हुए जीएसटी से जुड़े विवादों का निष्पक्ष और संतुलित समाधान सुनिश्चित करता है। सहकारी संघवाद की भावना पर आधारित इसकी संरचना में न्यायिक के साथ-साथ केंद्र एवं राज्य के तकनीकी सदस्य शामिल हैं, जिससे करदाताओं और राजस्व—दोनों के हितों की समान रक्षा होती है।
विशेषज्ञों के अनुसार GSTAT विरोधी व्याख्याओं पर रोक लगाकर कर प्रशासन में एकरूपता और पारदर्शिता लाता है तथा कर, ब्याज और जुर्माने के उचित बंटवारे को सुनिश्चित करता है। देहरादून बेंच के शुरू होने से उत्तराखंड सहित आसपास के राज्यों के करदाताओं को त्वरित, सुलभ और निष्पक्ष अपील समाधान की सुविधा मिलेगी।
यह पहल जीएसटी परिषद और वित्त मंत्रालय की देशभर में अपीलीय बेंचों को सक्रिय करने की प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है।